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मालवांचल मित्र, जोधपुर: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस केस में एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। साध्वी के निधन के चार घंटे बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट से की गई पोस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया हैंडल संचालित करने वाले भोमाराम ने बताया है कि यह पोस्ट साध्वी के पिता वीरमनाथ के निर्देश पर की गई थी। पिता के कहने पर की गई थी इंस्टाग्राम पोस्ट भोमाराम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर वही संदेश पोस्ट किया, जो वीरमनाथ ने उन्हें शब्दशः बताया था। पोस्ट का उद्देश्य केवल यही था कि साध्वी प्रेम बाईसा को न्याय मिल सके। सोशल मीडिया पोस्ट से पहले वीरमनाथ कई संत-महात्माओं और परिचितों को फोन कर साध्वी के निधन की सूचना दे चुके थे। घटनाक्रम: कब क्या हुआ भोमाराम के अनुसार, 28 जनवरी को घटनाक्रम इस प्रकार रहा—
आश्रम में हंगामा, पुलिस को बुलाना पड़ा सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ने पर हाथापाई और एक वाहन में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। SIT पूछताछ में भोमाराम के बड़े खुलासे विशेष जांच दल (SIT) से पूछताछ में भोमाराम ने कई अहम बातें बताईं—
अब तक 37 लोगों से पूछताछ, मौत का कारण अब भी रहस्यसाध्वी प्रेम बाईसा की मौत के कारणों को लेकर अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। पुलिस 37 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें परिजन, आश्रम के सेवादार और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं। मामले की जांच कर रहीं एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि SIT हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का प्रयास जारी है। |
मालवांचल मित्र, जोधपुर: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस केस में एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। साध्वी के निधन के चार घंटे बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट से की गई पोस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया हैंडल संचालित करने वाले भोमाराम ने बताया है कि यह पोस्ट साध्वी के पिता वीरमनाथ के निर्देश पर की गई थी।
पिता के कहने पर की गई थी इंस्टाग्राम पोस्ट
भोमाराम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर वही संदेश पोस्ट किया, जो वीरमनाथ ने उन्हें शब्दशः बताया था। पोस्ट का उद्देश्य केवल यही था कि साध्वी प्रेम बाईसा को न्याय मिल सके। सोशल मीडिया पोस्ट से पहले वीरमनाथ कई संत-महात्माओं और परिचितों को फोन कर साध्वी के निधन की सूचना दे चुके थे।
घटनाक्रम: कब क्या हुआ
भोमाराम के अनुसार, 28 जनवरी को घटनाक्रम इस प्रकार रहा—
शाम 6:52 बजे: वीरमनाथ के मोबाइल से कॉल आया। सुरेश नामक व्यक्ति ने बताया कि बाईसा की तबीयत गंभीर है और प्रेक्षा अस्पताल बुलाया।
शाम 7:31 बजे: भोमाराम अस्पताल पहुंचे, तब तक साध्वी प्रेम बाईसा का निधन हो चुका था।
अस्पताल में निर्णय: डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम की सलाह दी, लेकिन वीरमनाथ ने पहले पार्थिव शरीर को आश्रम ले जाने और ब्रह्म मुहूर्त में पोस्टमार्टम कराने की बात कही।
शाम 8:45 बजे: पार्थिव शरीर को अस्पताल से आरती नगर स्थित आश्रम ले जाया गया।
रात 9:38 बजे: वीरमनाथ के निर्देश पर सोशल मीडिया पोस्ट की गई।
आश्रम में हंगामा, पुलिस को बुलाना पड़ा
सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ने पर हाथापाई और एक वाहन में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया।
SIT पूछताछ में भोमाराम के बड़े खुलासे
विशेष जांच दल (SIT) से पूछताछ में भोमाराम ने कई अहम बातें बताईं—
आश्रम करीब एक साल पहले बना था, लेकिन वहां CCTV कैमरे नहीं लगे थे, केवल वायरिंग की गई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पूरी तरह पिता वीरमनाथ के निर्देश पर की गई थी।
भोमाराम बालोतरा के परेऊ गांव का निवासी है, पेशे से फोटो फ्रेम निर्माता है और लंबे समय से साध्वी से जुड़ा हुआ था।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के कारणों को लेकर अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। पुलिस 37 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें परिजन, आश्रम के सेवादार और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं। मामले की जांच कर रहीं एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि SIT हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का प्रयास जारी है।