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मालवांचल मित्र, भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा वर्ष 2026 के हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए गए हैं। इस वर्ष का परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। न केवल कुल पास प्रतिशत में सुधार दर्ज किया गया, बल्कि प्रदेशभर में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। 10वीं बोर्ड: पन्ना की प्रतिभा बनीं प्रदेश की शान कक्षा 10वीं के परिणामों में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके जिले बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। दूसरे स्थान पर बालाघाट की अक्षरा घोड़ेश्वर और सीधी के अभय गुप्ता रहे, जिन्होंने 498 अंक अर्जित किए। यह टॉप-10 सूची दर्शाती है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं, जो शिक्षा के समान अवसरों और बेहतर तैयारी का संकेत है। जिला स्तर पर प्रदर्शन: अनूपपुर अव्वल जिला स्तर पर अनूपपुर ने 98.8 प्रतिशत परिणाम के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। झाबुआ ने दूसरा स्थान हासिल किया। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों के जिलों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मेरिट सूची में कुल 378 विद्यार्थियों ने स्थान बनाया, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। 12वीं बोर्ड: बेटियों का शानदार प्रदर्शन कक्षा 12वीं के परिणामों में भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वाणिज्य संकाय वाणिज्य वर्ग में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। कला संकाय कला वर्ग में श्रुति तोमर और आकाश अहिरवार ने 489 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। विज्ञान संकाय गणित समूह में श्लोक प्रजापति ने 493 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान समूह में तन्वी कुमावत ने 492 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। कुल परिणाम प्रतिशत और प्रमुख तथ्य इस वर्ष 10वीं का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत और 12वीं का 76.01 प्रतिशत रहा। यह पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का बयान: 16 साल का रिकॉर्ड टूटा परिणाम घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष का परिणाम पिछले 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से सरकारी स्कूलों और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। साथ ही उन्होंने उन विद्यार्थियों को भी आश्वस्त किया जो परीक्षा में सफल नहीं हो सके हैं कि उन्हें पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा और उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षा मंत्री का आश्वासन स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार परिणाम जारी करने से पहले उत्तर पुस्तिकाओं का गहन मूल्यांकन और सत्यापन किया गया, जिससे त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित और भविष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। निष्कर्ष MP Board Result 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। बेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, जनजातीय जिलों की प्रगति और सरकारी स्कूलों की सफलता इस वर्ष के परिणाम की प्रमुख विशेषताएं हैं। यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। |
मालवांचल मित्र, भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा वर्ष 2026 के हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए गए हैं। इस वर्ष का परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। न केवल कुल पास प्रतिशत में सुधार दर्ज किया गया, बल्कि प्रदेशभर में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
10वीं बोर्ड: पन्ना की प्रतिभा बनीं प्रदेश की शान
कक्षा 10वीं के परिणामों में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके जिले बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
दूसरे स्थान पर बालाघाट की अक्षरा घोड़ेश्वर और सीधी के अभय गुप्ता रहे, जिन्होंने 498 अंक अर्जित किए।
तीसरे स्थान पर 497 अंकों के साथ कई विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से स्थान प्राप्त किया। इनमें शहडोल के योगेंद्र सिंह परमार, सीधी की अनन्या वर्मा, बालाघाट के शिवम बोपचे, पन्ना के अर्जुन सिंह राजपूत, सिंगरौली के अवनीश कुमार, भोपाल की हिमांशी धाकड़ और छिंदवाड़ा की निकिता फरकासे शामिल हैं।
यह टॉप-10 सूची दर्शाती है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं, जो शिक्षा के समान अवसरों और बेहतर तैयारी का संकेत है।
जिला स्तर पर प्रदर्शन: अनूपपुर अव्वल
जिला स्तर पर अनूपपुर ने 98.8 प्रतिशत परिणाम के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। झाबुआ ने दूसरा स्थान हासिल किया। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों के जिलों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
मेरिट सूची में कुल 378 विद्यार्थियों ने स्थान बनाया, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
12वीं बोर्ड: बेटियों का शानदार प्रदर्शन
कक्षा 12वीं के परिणामों में भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
वाणिज्य संकाय
वाणिज्य वर्ग में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
दूसरे स्थान पर मनु शुक्ला, आर्ची माहेश्वरी और खुशबू पाटीदार रहे, जिन्होंने 489 अंक प्राप्त किए।
तीसरे स्थान पर श्रुति गर्ग और छवि अग्रवाल ने 488 अंक के साथ जगह बनाई।
कला संकाय
कला वर्ग में श्रुति तोमर और आकाश अहिरवार ने 489 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
दूसरे स्थान पर मुस्कान रावत और आदित्य चतुर्वेदी (488 अंक) रहे।
तीसरे स्थान पर दीप्ति रावत, सानिया गुप्ता, सृष्टि सिलावट, रोशनी पटेल और दीपाली सोनी शामिल रहे।
विज्ञान संकाय
गणित समूह में श्लोक प्रजापति ने 493 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।
दूसरे स्थान पर गौरी शर्मा, डॉली पुरवार और अर्जुन गुर्जर (491 अंक) रहे।
तीसरे स्थान पर कान्हा शर्मा और मनेंद्र केवट (490 अंक) शामिल रहे।
जीव विज्ञान समूह में तन्वी कुमावत ने 492 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
दूसरे स्थान पर कार्तिक शर्मा (490 अंक) रहे।
तीसरे स्थान पर प्रियांशी सिंह, अरीबा इमरान और स्तुति जैन (489 अंक) शामिल रहे।
कुल परिणाम प्रतिशत और प्रमुख तथ्य
इस वर्ष 10वीं का कुल परिणाम 73.42 प्रतिशत और 12वीं का 76.01 प्रतिशत रहा। यह पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का बयान: 16 साल का रिकॉर्ड टूटा
परिणाम घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष का परिणाम पिछले 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से सरकारी स्कूलों और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। साथ ही उन्होंने उन विद्यार्थियों को भी आश्वस्त किया जो परीक्षा में सफल नहीं हो सके हैं कि उन्हें पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा और उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षा मंत्री का आश्वासन
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार परिणाम जारी करने से पहले उत्तर पुस्तिकाओं का गहन मूल्यांकन और सत्यापन किया गया, जिससे त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित और भविष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है।
निष्कर्ष
MP Board Result 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। बेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, जनजातीय जिलों की प्रगति और सरकारी स्कूलों की सफलता इस वर्ष के परिणाम की प्रमुख विशेषताएं हैं। यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।