मालवांचल मित्र, शहडोल: Shahdol जिले से ऑनलाइन गेमिंग की लत और साइबर ठगी से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव से जूझ रहे एक परिवार ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के बाद परिवार का 15 वर्षीय बेटा ही अकेला जीवित बचा है।
घटना की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, शहडोल निवासी Shankar Lal Gupta को ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि गेमिंग के दौरान उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ और वे लाखों रुपये के कर्ज में डूब गए। इसी बीच कथित साइबर फ्रॉड ने उनकी आर्थिक स्थिति को और गंभीर बना दिया।
लगातार बढ़ते कर्ज और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने अपने परिवार के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। इस दर्दनाक घटना में उनकी बेटी Swati Gupta की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, शंकर लाल गुप्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
आठ दिन तक मौत से जंग, आखिरकार मां की भी मौत
घटना में गंभीर रूप से बीमार हुई उनकी पत्नी Rajkumari Gupta पिछले आठ दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थीं। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और आखिरकार उनका भी निधन हो गया।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद परिवार का 15 वर्षीय बेटा ही अकेला बचा है, जिसने अपने माता-पिता और बहन—तीनों को खो दिया।
ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी का खतरनाक असर
बताया जा रहा है कि शंकर लाल गुप्ता को लंबे समय से ऑनलाइन गेम खेलने की आदत थी। लगातार हार और कथित साइबर धोखाधड़ी के चलते उन पर भारी कर्ज हो गया था। आर्थिक संकट और मानसिक दबाव ने उन्हें यह भयावह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की लत और साइबर फ्रॉड के खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अनियंत्रित गेमिंग और आर्थिक नुकसान व्यक्ति को मानसिक तनाव में धकेल सकता है, जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में समय रहते जागरूकता और सहायता बेहद जरूरी है।