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इंदौर। मालवांचल मित्र इंदौर-देवास बायपास पर एमआर-10 फ्लाईओवर का इंतजार अब लगभग खत्म होने को है। लंबे समय से निर्माणाधीन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। मांगलिया से बिचौली की ओर जाने वाले हिस्से पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, जबकि दूसरा हिस्सा भी अगले कुछ दिनों में ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी है। फ्लाईओवर का बड़ा निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन सरकारी प्रोजेक्ट में आखिरी काम भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता। इसलिए अब रोड मार्किंग, दिशा-सूचक बोर्ड और लाइटिंग जैसे काम पूरे किए जा रहे हैं। यानी पुल तैयार है, बस उसे यह बताना बाकी है कि वाहन किस तरफ जाएं और रात में रास्ता दिखाई कैसे दे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से फ्लाईओवर की एक तरफ की एप्रोच रोड का काम भी किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी को सितंबर के पहले सप्ताह तक शेष काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव के मुताबिक फ्लाईओवर के दूसरे हिस्से को खोलने से पहले ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद मौके की ट्रैफिक स्थिति की समीक्षा होगी और फिर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। करीब 50 करोड़ की लागत, काम में हुई देरी एमआर-10 फ्लाईओवर का निर्माण करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसका काम अगस्त 2023 में शुरू हुआ था। हालांकि ट्रैफिक डायवर्शन और कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण परियोजना तय समय से करीब एक साल पीछे चली गई। फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण अक्टूबर 2025 में ही पूरा हो गया था। इसके बाद भी कुछ जरूरी काम बाकी होने के कारण पूरी तरह यातायात शुरू नहीं हो सका। करीब 180 मीटर लंबे फ्लाईओवर पर छह स्पान हैं। इन सभी पर गर्डर और स्लैब बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब बचे हुए काम को तेजी से पूरा करने पर जोर है। कुल मिलाकर फ्लाईओवर ने निर्माण के दौरान काफी समय लिया, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि रोज गुजरने वाले वाहन चालकों को भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
फ्लाईओवर खुलते ही सर्विस रोड पर लगेगा ब्रेक फ्लाईओवर का काम पूरा होना एक राहत है, लेकिन इसके साथ ही सर्विस रोड पर चलने वाले लोगों के लिए एक नया इंतजार शुरू होने वाला है। फ्लाईओवर पर नियमित ट्रैफिक शुरू होने के बाद सर्विस रोड को कुछ समय के लिए बंद किया जाएगा। इसके बाद यहां मरम्मत और खुदाई का काम किया जाना है। इसी हिस्से में आठ लेन अंडरपास से जुड़ा काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। सर्विस रोड के नीचे नर्मदा लाइन का कनेक्शन भी जोड़ा जाना है। इस कनेक्शन के जरिए विजय नगर, तुलसी नगर और निपानिया क्षेत्र में नर्मदा का पानी पहुंचाने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक पहले फ्लाईओवर पर ट्रैफिक शुरू किया जाएगा। इसके बाद सर्विस रोड को बंद कर उसकी मरम्मत की जाएगी और फिर नर्मदा प्राधिकरण की ओर से पाइपलाइन कनेक्शन का काम किया जाएगा। पाइपलाइन कनेक्शन ने भी बढ़ाया इंतजार एमआर-10 क्षेत्र में चल रहे प्रोजेक्ट में देरी की कहानी सिर्फ फ्लाईओवर तक सीमित नहीं है। नर्मदा लाइन के कनेक्शन में हुई देरी ने भी काम की रफ्तार पर असर डाला है। अधिकारियों के अनुसार पाइपलाइन कनेक्शन के कारण प्रोजेक्ट पहले ही करीब सात से आठ महीने पीछे हो चुका है। अब कोशिश है कि फ्लाईओवर और उससे जुड़े बाकी काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि एक काम खत्म होते ही दूसरे काम के लिए रास्ता मिल सके।
अब उम्मीद ट्रैफिक राहत की एमआर-10 फ्लाईओवर का पूरा इस्तेमाल शुरू होने के बाद इंदौर-देवास बायपास के इस हिस्से में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल एक हिस्से पर वाहन चल रहे हैं और दूसरे हिस्से को भी जल्द खोलने की तैयारी है। सितंबर के पहले सप्ताह तक शेष निर्माण कार्य पूरा होने की समयसीमा तय की गई है। इसके बाद ट्रायल और ट्रैफिक समीक्षा के आधार पर दोनों तरफ से आवागमन शुरू किया जाएगा। यानी फ्लाईओवर की कहानी अब निर्माण की धूल और डायवर्शन से निकलकर उद्घाटन और नियमित यातायात की तरफ बढ़ रही है। बस देखना यह है कि जिस फ्लाईओवर ने लोगों को लंबा इंतजार कराया, वह खुलने के बाद ट्रैफिक को कितनी जल्दी राहत देता है। |
इंदौर। मालवांचल मित्र
इंदौर-देवास बायपास पर एमआर-10 फ्लाईओवर का इंतजार अब लगभग खत्म होने को है। लंबे समय से निर्माणाधीन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। मांगलिया से बिचौली की ओर जाने वाले हिस्से पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, जबकि दूसरा हिस्सा भी अगले कुछ दिनों में ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी है।
फ्लाईओवर का बड़ा निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन सरकारी प्रोजेक्ट में आखिरी काम भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता। इसलिए अब रोड मार्किंग, दिशा-सूचक बोर्ड और लाइटिंग जैसे काम पूरे किए जा रहे हैं। यानी पुल तैयार है, बस उसे यह बताना बाकी है कि वाहन किस तरफ जाएं और रात में रास्ता दिखाई कैसे दे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से फ्लाईओवर की एक तरफ की एप्रोच रोड का काम भी किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी को सितंबर के पहले सप्ताह तक शेष काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव के मुताबिक फ्लाईओवर के दूसरे हिस्से को खोलने से पहले ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद मौके की ट्रैफिक स्थिति की समीक्षा होगी और फिर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
करीब 50 करोड़ की लागत, काम में हुई देरी
एमआर-10 फ्लाईओवर का निर्माण करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसका काम अगस्त 2023 में शुरू हुआ था। हालांकि ट्रैफिक डायवर्शन और कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण परियोजना तय समय से करीब एक साल पीछे चली गई।
फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण अक्टूबर 2025 में ही पूरा हो गया था। इसके बाद भी कुछ जरूरी काम बाकी होने के कारण पूरी तरह यातायात शुरू नहीं हो सका।
करीब 180 मीटर लंबे फ्लाईओवर पर छह स्पान हैं। इन सभी पर गर्डर और स्लैब बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब बचे हुए काम को तेजी से पूरा करने पर जोर है।
कुल मिलाकर फ्लाईओवर ने निर्माण के दौरान काफी समय लिया, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि रोज गुजरने वाले वाहन चालकों को भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है।

फ्लाईओवर खुलते ही सर्विस रोड पर लगेगा ब्रेक
फ्लाईओवर का काम पूरा होना एक राहत है, लेकिन इसके साथ ही सर्विस रोड पर चलने वाले लोगों के लिए एक नया इंतजार शुरू होने वाला है।
फ्लाईओवर पर नियमित ट्रैफिक शुरू होने के बाद सर्विस रोड को कुछ समय के लिए बंद किया जाएगा। इसके बाद यहां मरम्मत और खुदाई का काम किया जाना है। इसी हिस्से में आठ लेन अंडरपास से जुड़ा काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
सर्विस रोड के नीचे नर्मदा लाइन का कनेक्शन भी जोड़ा जाना है। इस कनेक्शन के जरिए विजय नगर, तुलसी नगर और निपानिया क्षेत्र में नर्मदा का पानी पहुंचाने की योजना है।
अधिकारियों के मुताबिक पहले फ्लाईओवर पर ट्रैफिक शुरू किया जाएगा। इसके बाद सर्विस रोड को बंद कर उसकी मरम्मत की जाएगी और फिर नर्मदा प्राधिकरण की ओर से पाइपलाइन कनेक्शन का काम किया जाएगा।
पाइपलाइन कनेक्शन ने भी बढ़ाया इंतजार
एमआर-10 क्षेत्र में चल रहे प्रोजेक्ट में देरी की कहानी सिर्फ फ्लाईओवर तक सीमित नहीं है। नर्मदा लाइन के कनेक्शन में हुई देरी ने भी काम की रफ्तार पर असर डाला है।
अधिकारियों के अनुसार पाइपलाइन कनेक्शन के कारण प्रोजेक्ट पहले ही करीब सात से आठ महीने पीछे हो चुका है। अब कोशिश है कि फ्लाईओवर और उससे जुड़े बाकी काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि एक काम खत्म होते ही दूसरे काम के लिए रास्ता मिल सके।

अब उम्मीद ट्रैफिक राहत की
एमआर-10 फ्लाईओवर का पूरा इस्तेमाल शुरू होने के बाद इंदौर-देवास बायपास के इस हिस्से में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल एक हिस्से पर वाहन चल रहे हैं और दूसरे हिस्से को भी जल्द खोलने की तैयारी है।
सितंबर के पहले सप्ताह तक शेष निर्माण कार्य पूरा होने की समयसीमा तय की गई है। इसके बाद ट्रायल और ट्रैफिक समीक्षा के आधार पर दोनों तरफ से आवागमन शुरू किया जाएगा।
यानी फ्लाईओवर की कहानी अब निर्माण की धूल और डायवर्शन से निकलकर उद्घाटन और नियमित यातायात की तरफ बढ़ रही है। बस देखना यह है कि जिस फ्लाईओवर ने लोगों को लंबा इंतजार कराया, वह खुलने के बाद ट्रैफिक को कितनी जल्दी राहत देता है।