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मालवांचल मित्र, नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके पूर्व नेता राघव चड्ढा के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा के बयान और उस पर AAP की प्रतिक्रिया ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। हाल ही में राघव चड्ढा ने 27 अप्रैल को एक वीडियो जारी कर AAP के वर्क कल्चर को “टॉक्सिक” बताया था। उन्होंने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की तुलना कॉर्पोरेट जॉब स्विच से करते हुए कहा कि जैसे कोई व्यक्ति खराब माहौल वाली कंपनी छोड़ देता है, वैसे ही उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कई विकल्प थे और उन्होंने वही चुना जो उन्हें सही लगा। राघव के इस बयान पर अब AAP की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली के पूर्व मंत्री और पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो जारी कर राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज ने कहा कि राघव ने पार्टी छोड़ने से पहले “धोखा” दिया और कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर साजिश रची।
अपने वीडियो संदेश में भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ता है, तो वह नोटिस पीरियड पूरा करता है, लेकिन राघव ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से राघव चुपचाप BJP के संपर्क में थे और पार्टी के खिलाफ काम कर रहे थे। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि संसद में राघव द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दे—जैसे एयरपोर्ट पर महंगे समोसे, गिग वर्कर्स के अधिकार, और पैटरनिटी लीव—पहले से ही केंद्र सरकार के एजेंडे में थे। उनके अनुसार, यह एक “बड़ी साजिश” का हिस्सा था और इसी कारण संसद में उन्हें इन मुद्दों पर रोका नहीं गया। इसके साथ ही भारद्वाज ने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि राघव चड्ढा की शादी तक पार्टी की देन है, और अब वही व्यक्ति पार्टी के खिलाफ खड़े हो गए हैं। दूसरी ओर, राघव चड्ढा ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पार्टी के भीतर का माहौल बदल चुका था और वह अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने संकेत दिया कि कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके मतभेद थे और यही कारण था कि उन्होंने अलग रास्ता चुना।
राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच सोशल मीडिया पर भी इसका असर देखने को मिला। BJP ज्वाइन करने के बाद राघव चड्ढा के खिलाफ ऑनलाइन अभियान शुरू हो गया। इंस्टाग्राम पर #unfollowraghavchadha ट्रेंड करने लगा और रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 घंटे के भीतर उनके लगभग 10 लाख फॉलोवर्स कम हो गए। यह पूरा घटनाक्रम न केवल AAP के भीतर की कलह को उजागर करता है, बल्कि आने वाले समय में दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर इसके प्रभाव को लेकर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि यह सियासी टकराव आगे किस दिशा में जाता है। |
मालवांचल मित्र, नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके पूर्व नेता राघव चड्ढा के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा के बयान और उस पर AAP की प्रतिक्रिया ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
हाल ही में राघव चड्ढा ने 27 अप्रैल को एक वीडियो जारी कर AAP के वर्क कल्चर को “टॉक्सिक” बताया था। उन्होंने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की तुलना कॉर्पोरेट जॉब स्विच से करते हुए कहा कि जैसे कोई व्यक्ति खराब माहौल वाली कंपनी छोड़ देता है, वैसे ही उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कई विकल्प थे और उन्होंने वही चुना जो उन्हें सही लगा।
राघव के इस बयान पर अब AAP की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली के पूर्व मंत्री और पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो जारी कर राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारद्वाज ने कहा कि राघव ने पार्टी छोड़ने से पहले “धोखा” दिया और कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर साजिश रची।

अपने वीडियो संदेश में भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ता है, तो वह नोटिस पीरियड पूरा करता है, लेकिन राघव ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से राघव चुपचाप BJP के संपर्क में थे और पार्टी के खिलाफ काम कर रहे थे।
भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि संसद में राघव द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दे—जैसे एयरपोर्ट पर महंगे समोसे, गिग वर्कर्स के अधिकार, और पैटरनिटी लीव—पहले से ही केंद्र सरकार के एजेंडे में थे। उनके अनुसार, यह एक “बड़ी साजिश” का हिस्सा था और इसी कारण संसद में उन्हें इन मुद्दों पर रोका नहीं गया।
इसके साथ ही भारद्वाज ने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि राघव चड्ढा की शादी तक पार्टी की देन है, और अब वही व्यक्ति पार्टी के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
दूसरी ओर, राघव चड्ढा ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पार्टी के भीतर का माहौल बदल चुका था और वह अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने संकेत दिया कि कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके मतभेद थे और यही कारण था कि उन्होंने अलग रास्ता चुना।

राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच सोशल मीडिया पर भी इसका असर देखने को मिला। BJP ज्वाइन करने के बाद राघव चड्ढा के खिलाफ ऑनलाइन अभियान शुरू हो गया। इंस्टाग्राम पर #unfollowraghavchadha ट्रेंड करने लगा और रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 घंटे के भीतर उनके लगभग 10 लाख फॉलोवर्स कम हो गए।
यह पूरा घटनाक्रम न केवल AAP के भीतर की कलह को उजागर करता है, बल्कि आने वाले समय में दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर इसके प्रभाव को लेकर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि यह सियासी टकराव आगे किस दिशा में जाता है।