मालवांचल मित्र, उज्जैन: धार्मिक नगरी Ujjain में स्थित प्रसिद्ध Chintaman Ganesh Temple में आज प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गणेश भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं के लिए प्रार्थना की।
प्राचीन आस्था का केंद्र
चिंतामण गणेश मंदिर को मध्यप्रदेश के प्राचीन और अत्यंत श्रद्धेय मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर उज्जैन शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है और भगवान गणेश के प्रमुख स्वयंभू स्वरूपों में से एक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा यहां गणेश प्रतिमा स्थापित किए जाने की कथा प्रचलित है। इसी कारण इसे विशेष पवित्रता प्राप्त है।
तीन स्वरूपों के दर्शन
मंदिर में भगवान गणेश के तीन रूपों—चिंतामण, इच्छामण और सिद्धिविनायक—के दर्शन होते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना से जीवन की चिंताएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
गणेशोत्सव और विशेष अवसर
गणेशोत्सव सहित विशेष पर्वों पर यहां हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। आज भी दर्शन के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर में भक्तों ने शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र
उज्जैन के धार्मिक पर्यटन में इस मंदिर का महत्वपूर्ण स्थान है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु इसे “चिंता हरने वाले गणपति” के रूप में पूजते हैं और मानसिक शांति की अनुभूति के साथ लौटते हैं।
आज के दर्शन में चिंतामण गणेश मंदिर की पावन छवि ने एक बार फिर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।