मालवांचल मित्र, विशेष रिपोर्ट: Today in History | Death Anniversary | Dada Saheb Phalke News In Hindi
लेकिन एक व्यक्ति ने सपना देखा… और उस सपने ने भारतीय सिनेमा की नींव रख दी।
यह कहानी है दादासाहेब फाल्के की — जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है।
30 अप्रैल 1870 को महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर में जन्मे धुंडीराज गोविंद फाल्के ने 1913 में बनाई भारत की पहली फीचर फिल्म — राजा हरिश्चंद्र।
एक विदेशी फिल्म The Life of Christ से प्रेरित होकर उन्होंने भारतीय कहानियों को परदे पर उतारने का संकल्प लिया।
ना पैसा, ना ट्रेनिंग, ना कोई इंडस्ट्री — फिर भी उन्होंने 95 से अधिक फीचर फिल्में बनाकर इतिहास रच दिया।
उनके सम्मान में भारत सरकार ने 1969 में शुरू किया — दादा साहब फाल्के पुरस्कार, जो भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है।
यह वीडियो है उनके जुनून, संघर्ष और उस सपने की कहानी जिसने पूरे देश की किस्मत बदल दी।
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