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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज़ के दौरान एक बांग्लादेशी अंपायर की मौजूदगी ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। खास बात यह है कि इसी समय बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) भारत को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह मामला विरोधाभास और दोहरे संदेश का रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत-न्यूज़ीलैंड मैच में बांग्लादेशी अंपायर कौन हैं? बांग्लादेश के अनुभवी अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद सैकत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आईसीसी एलीट पैनल अंपायर के रूप में नियुक्त किया है। BCB ने सुरक्षा का मुद्दा क्यों उठाया? हाल ही में BCB ने टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भारत में खेलने पर आपत्ति जताई है। बोर्ड ने ICC को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी टीम भारत की बजाय अपने मुकाबले श्रीलंका में खेलना चाहती है, क्योंकि उनके अनुसार भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंकाएं हैं। इन चिंताओं की पृष्ठभूमि में हालिया भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव और विशेष रूप से मुस्ताफिजुर रहमान के आईपीएल विवाद को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा उन्हें रिलीज किए जाने के बाद दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में खटास देखी गई। फिर BCB उसी समय अंपायर को भारत में काम करने की अनुमति क्यों दे रहा है? यहीं से विवाद की असली जड़ सामने आती है। इस पर BCB का पक्ष यह है कि: शरफुद्दौला सैकत ICC के साथ सीधे अनुबंधित अंपायर हैं। उनकी नियुक्ति और ड्यूटी का निर्णय ICC करता है, न कि BCB। ICC की जिम्मेदारी मिलने पर वह अपने घरेलू बोर्ड से स्वतः अवकाश पर चले जाते हैं। इसलिए BCB के पास उन्हें भारत जाने से रोकने या NOC देने-न देने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्य विरोधाभास क्या है? इस पूरे मामले में विरोधाभास साफ दिखाई देता है:
BCB भारत को सुरक्षा के लिहाज़ से जोखिमपूर्ण बताता है। वहीं उसी देश का एक अंपायर भारत में ICC मैच में बिना किसी आपत्ति के कार्यरत है। इसी कारण यह सवाल उठ रहे हैं कि: यदि भारत वास्तव में असुरक्षित है, तो ICC के प्रतिनिधि वहाँ कैसे सुरक्षित माने जा रहे हैं? क्या BCB की सुरक्षा चिंता वास्तविक है, या यह कूटनीतिक दबाव और क्रिकेट राजनीति का हिस्सा है? कई क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति BCB के रुख और ICC के नियमों के बीच टकराव को उजागर करती है। ICC का नियम क्या कहता है? ICC के नियमों के अनुसार: अंपायरों की नियुक्ति ICC Elite Panel से होती है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए अंपायर का चयन पूरी तरह ICC का निर्णय होता है। राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों का इसमें कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। इसलिए शरफुद्दौला सैकत की भारत में अंपायरिंग को पूरी तरह ICC की प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है, न कि BCB की सहमति या असहमति का। निष्कर्ष पूरे विवाद का सार यह है कि: ✔️ BCB ने भारत को सुरक्षा कारणों से टी20 विश्व कप के लिए अनुपयुक्त बताया। ✔️ उसी समय ICC ने बांग्लादेश के एक अंपायर को भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच में तैनात किया। ✔️ इससे BCB का रुख दोहरे मानदंड वाला प्रतीत हो रहा है, जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि क्रिकेट प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीतिक संदेशों की जटिलता को भी उजागर करता है। |
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज़ के दौरान एक बांग्लादेशी अंपायर की मौजूदगी ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। खास बात यह है कि इसी समय बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) भारत को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह मामला विरोधाभास और दोहरे संदेश का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
भारत-न्यूज़ीलैंड मैच में बांग्लादेशी अंपायर कौन हैं?
बांग्लादेश के अनुभवी अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद सैकत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आईसीसी एलीट पैनल अंपायर के रूप में नियुक्त किया है।
वह भारत में आयोजित भारत-न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ में थर्ड अंपायर और टीवी अंपायर की भूमिका निभा रहे हैं। यह नियुक्ति पूरी तरह से ICC के अधिकार क्षेत्र में आती है।
BCB ने सुरक्षा का मुद्दा क्यों उठाया?
हाल ही में BCB ने टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भारत में खेलने पर आपत्ति जताई है। बोर्ड ने ICC को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी टीम भारत की बजाय अपने मुकाबले श्रीलंका में खेलना चाहती है, क्योंकि उनके अनुसार भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंकाएं हैं।
इन चिंताओं की पृष्ठभूमि में हालिया भारत-बांग्लादेश क्रिकेट तनाव और विशेष रूप से मुस्ताफिजुर रहमान के आईपीएल विवाद को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा उन्हें रिलीज किए जाने के बाद दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में खटास देखी गई।
फिर BCB उसी समय अंपायर को भारत में काम करने की अनुमति क्यों दे रहा है?
यहीं से विवाद की असली जड़ सामने आती है।
एक ओर BCB भारत को खिलाड़ियों के लिए “असुरक्षित” बता रहा है, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला सैकत भारत में ICC मैच में अंपायरिंग कर रहे हैं।
इस पर BCB का पक्ष यह है कि:
शरफुद्दौला सैकत ICC के साथ सीधे अनुबंधित अंपायर हैं।
उनकी नियुक्ति और ड्यूटी का निर्णय ICC करता है, न कि BCB।
ICC की जिम्मेदारी मिलने पर वह अपने घरेलू बोर्ड से स्वतः अवकाश पर चले जाते हैं।
इसलिए BCB के पास उन्हें भारत जाने से रोकने या NOC देने-न देने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्य विरोधाभास क्या है?
इस पूरे मामले में विरोधाभास साफ दिखाई देता है:
BCB भारत को सुरक्षा के लिहाज़ से जोखिमपूर्ण बताता है।
वहीं उसी देश का एक अंपायर भारत में ICC मैच में बिना किसी आपत्ति के कार्यरत है।
इसी कारण यह सवाल उठ रहे हैं कि:
यदि भारत वास्तव में असुरक्षित है, तो ICC के प्रतिनिधि वहाँ कैसे सुरक्षित माने जा रहे हैं?
क्या BCB की सुरक्षा चिंता वास्तविक है, या यह कूटनीतिक दबाव और क्रिकेट राजनीति का हिस्सा है?
कई क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति BCB के रुख और ICC के नियमों के बीच टकराव को उजागर करती है।
ICC का नियम क्या कहता है?
ICC के नियमों के अनुसार:
अंपायरों की नियुक्ति ICC Elite Panel से होती है।
किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए अंपायर का चयन पूरी तरह ICC का निर्णय होता है।
राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों का इसमें कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता।
इसलिए शरफुद्दौला सैकत की भारत में अंपायरिंग को पूरी तरह ICC की प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है, न कि BCB की सहमति या असहमति का।
निष्कर्ष
पूरे विवाद का सार यह है कि:
✔️ BCB ने भारत को सुरक्षा कारणों से टी20 विश्व कप के लिए अनुपयुक्त बताया।
✔️ उसी समय ICC ने बांग्लादेश के एक अंपायर को भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच में तैनात किया।
✔️ इससे BCB का रुख दोहरे मानदंड वाला प्रतीत हो रहा है, जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यह मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि क्रिकेट प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीतिक संदेशों की जटिलता को भी उजागर करता है।